छत्तीसगढ़ के निजी विद्यालय संस्थाओं द्वारा शुल्क वसूली के खिलाफ सर्व स्कूल अभिभावक एवं विद्यार्थी कल्याण ने उच्च न्यायालय में दायर की रिट अपील…अध्यक्ष ने कहा-हम न्याय के शरण में आए है हमारी गुहार जरुर सुनी जाएगी

 

बिलासपुर/ सर्व स्कूल अभिभावक एवं विद्यार्थी कल्याण जिला बिलासपुर के अध्यक्ष मनीष कुमार अग्रवाल, उपाध्यक्ष पवन ताम्रकार तथा अनिल पाठक ने मंगलवार को ट्यूशन फीस के नाम से की जा रही त्रैमासिक शुल्क एवं विद्यालय शुल्क की वसूली के खिलाफ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में रिट अपील दायर की है। अध्यक्ष ने बताया कि और भी ऐसे अभिभावक है जो की अलग अलग अशासकीय निजी स्कूल द्वारा रिट अपील दायर करेगे, जिसकी संख्या लगभग 15-20 के आस पास होगी।

त्रैमासिक शुल्क एवं विद्यालय शुल्क की वसूली के खिलाफ अभिभावक, अशासकीय निजी स्कूल डी.पी.एस तिफरा बिलासपुर से मनीष कुमार अग्रवाल और अशासकीय निजी स्कूल सेंट जेवियर्स सरकंडा से पवन ताम्रकार एवं अनिल पाठक ने रिट अपील दायर की है|

 अध्यक्ष मनीष कुमार अग्रवाल ने उक्त विषय पर जानकरी देते हुए बताया कि, अभिभावक हर तरफ से शासन प्रशासन अधिकारीयों से निराश और थक हार कर माननीय उच्च न्यायालय के चौखट पर आए है, उन्होंने आगे कहा कि हम उच्च न्यायालय का सम्मान करते हैँ परन्तु उनके द्वारा दिए गए निर्णय में ट्यूशन फीस के बारे में स्पष्ट जानकारी या निर्देश न होने के कारण तथा उक्त आदेश को तोड मरोड कर ये पूरे छत्तीसगढ़ के निजी अशासकीय विद्यालय संस्थाओं द्वारा शुल्क वसूली कि जा रही है, उसके हम सख्त खिलाफ में है|

उन्होंने कहा की हम शुरू से एक ही बात पर जोर देते आ रहे है, कि हर स्कूलों की फीस अनुमोदित हो तथा हर निजी अशासकीय स्कूल शासन प्रशासन और बोर्ड के नियमों का पालन करे जो की निजी स्कूलों द्वारा विगत कई वर्षो से नहीं किया जा रहा है l इस वर्ष माननीय उच्च न्यायालय द्वारा शिक्षण शुल्क लेने के स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद ये शिक्षा माफिया अपने वसूली करना नहीं छोड़ रहे है, पूर्व में सामान्य दिनों में छः से सात कालखंड होते थे अभी वर्तमान में केवल दो या तीन कालखंड वो भी कुछ घंटों की ऑनलाइन कक्षा लेकर एवं अज्ञान अबोध मासूम बच्चों को मोबाइल की लत लगाकर उनका आंखों की दिमाग के विकास में कुंद कर के पूरे शिक्षण शुल्क की मांग की जा रही है l

अध्यक्ष ने आगे कहा की माननीय उच्च न्यायालय से छात्र एवं अभिभावक हित में दिशा निर्देश आदेश मिलने की पूरी सम्भावना है हमारी गुहार जरूर सुनी जाएगीl अब हम न्याय के शरण में आए है,और हमारा संघर्ष इस अवैध अनैतिक वसूली के खिलाफ हर अभिभावकों के साथ मिलकर चलता रहेगा|