सिद्धि विनायक इंफ्रा बिल्ड सकरी sakri बाइपास में कृषि जमीन पर बसा रहा वेंकटेश नगर… पार्टनर ने माना- टीएनसी से एप्रूवल नहीं… सोच-समझकर पैसे इंवेस्ट करें… वरना बाद में पछताना पड़ेगा…

पड़ताल में सामने आया है कि खसरा नंबर 292/2, 290/38, 290/39, 290/8 और 290/7 रकबा करीब दो एकड़ में अवैध प्लाटिंग को अंजाम दिया जा रहा है। यहां 1500 वर्गफीट से लेकर 1000 वर्गफीट तक की प्लाटिंग की गई है। लोगों को यहां 7 सौ रुपए वर्गफीट की दर से जमीन की बिक्री की जा रही है। बिल्डर की ओर से न तो ग्राम निवेश विभाग से जमीन का लेआउट पास कराया गया है और न ही प्लाटिंग की अनुमति ली गई है।

बिलासपुर bilaspur। शहर से लगी कृषि भूमि को किस तरह से प्लाट काटकर लोगों को झांसे में लेकर बेचा जा रहा है, यह देखना है तो सकरी sakri बाइपास चले जाइए। यहां दो एकड़ जमीन पर वेंकटेश venktesh nagar नगर के नाम से खुलेआम अवैध प्लाटिंग की जा रही है। लोगों को सब्जबाग दिखाकर जमीन की बिक्री की जा रही है।

www.aajkal.info की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि बिल्डर सिद्धि विनायक की ओर से न तो जमीन का लेआउट पास कराया गया है और न ही टीएनसी से एप्रूवल ली गई है। इसके बाद भी राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से यह सारा खेल खुलेआम चल रहा है।

संस्कारधानी बिलासपुर में पिछले कुछ सालों से जमीन की अवैध खरीद- बिक्री की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से बिल्डर अवैध प्लाटिंग का खेल खेल रहे हैं। हालिया मामला सकरी sakri  बाइपास में सामने आया है। सकरी बाइपास चौक से 400 मीटर दूर रतनपुर जाने वाली रोड पर श्री सिद्धि विनायक इंफ्रा बिल्ड की ओर से वेंकटेश नगर के नाम से कॉलोनी बसाई जा रही है।

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पड़ताल में सामने आया है कि खसरा नंबर 292/2, 290/38, 290/39, 290/8 और 290/7 रकबा करीब दो एकड़ में अवैध प्लाटिंग को अंजाम दिया जा रहा है। यहां 1500 वर्गफीट से लेकर 1000 वर्गफीट तक की प्लाटिंग की गई है। लोगों को यहां sakri 7 सौ रुपए वर्गफीट की दर से जमीन की बिक्री की जा रही है। बिल्डर की ओर से न तो ग्राम निवेश विभाग से जमीन का लेआउट पास कराया गया है और न ही प्लाटिंग की अनुमति ली गई है।

यहां चौड़ी रोड, गार्डन, पानी टंकी, खेल मैदान आदि लोक लुभावने वायदे कर जमीन बेची जा रही है। बिल्डर ने यहां तंबू लगाकर एक स्थानीय ग्रामीण को बैठा दिया है। sakri मौके पर पहुंचने पर वहां मौजूद बिल्डर के कर्मचारी ने बताया कि यहां कई प्लाट खाली हैं। मनमुताबिक साइज में प्लाट मिल जाएगा। इसके लिए उसने बिल्डर के कार्यालय तक ले जाने की बात कही।

सब्जबाग दिखाने ऑफरों की बारिश

जमीन की बिक्री करने के लिए बिल्डर की ओर से आकर्षक ऑफर भी दिया जा रहा है। बीते दिनों बिल्डर ने यहां sakri  पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित कर ऑफर दिया कि इस कार्यक्रम में शामिल होने और पौधे लगाने पर 52 हजार में रजिस्ट्री हो जाएगी। साथ ही सोने का सिक्का देने का भी ऑफर दिया।

बिल्डर के पार्टनर ने माना- जमीन का टीएनसी अप्रूवल नहीं

बिल्डर के पार्टनर अंकुर चाहिल ने स्वीकार किया है कि सकरी sakri  स्थित जिस जमीन पर प्लाट काटकर बेचा जा रहा है, उस जमीन का टीएनसी tnc से अप्रूवल नहीं है। उसका कहना था कि आप जमीन खरीदी सकते हैं। इससे कुछ फर्क नहीं पड़ेगा। परिसर में नाली-पानी से लेकर तमाम सुविधाएं दी जा रही हैं।

यहां सबसे ज्यादा शिकायत

निगम की जांच में मिली 94 अवैध प्लाटिग में सर्वाधिक प्रकरण मेंड्रा, मोपका, खमतराई, चिल्हाटी और लिगियाडीह के हैं। यहां sakri  अवैध प्लाटिग के लगभग 40 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा मंगला, उसलापुर, दोमुहानी, देवरीखुर्द, बिजौर, कोनी, बिरकोना रोड और सकरी में भी गलत तरीके से मकान व कॉलोनी बनाए जा रहे हैं।

जानिए क्यों जरूरी है ले-आउट

अवैध प्लाटिग पर कड़ाई से रोक लगाने हालांकि शासन ने एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत ले-आउट स्वीकृत कराए बगैर जमीन पर प्लाटिग करने वालों पर कार्रवाई का प्रावधान है, पर अभी हो यह रहा है कि राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से टुकडों में कृषि जमीन बेची जा रही है। साथ ही इसकी रजिस्ट्री भी हो रही है।

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ले-आउट का कड़ाई से पालन होने पर बिल्डर को ईडब्ल्यूएस esw के लिए 15 प्रतिशत भूखंड सुरक्षित छोड़ना है। इसके बाद कॉलोनी में चौड़ी सड़क, पार्क, नाली, मंदिर आदि मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी हैं। इससे बचने के लिए बिल्डर बिना ले-आउट प्लाटिग कर रहे हैं। ग्राहकों को सोच-विचार कर निवेश करना चाहिए।