Chhattisgarh news: ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ की बड़ी जीत… सुप्रीम कोर्ट ने दोनों एसएलपी खारिज की… खुशी में उड़े रंग गुलाल…

Supreme Court decision brings joy among employees, Holi Milan held at the Employees’ Building.

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के कर्मचारी भवन बिलासपुर में रविवार को छत्तीसगढ़ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष विजय लहरे की अध्यक्षता में संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में संघ की लंबित पदोन्नति की मांग के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लंबित राज्य शासन एवं छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक संघ द्वारा दायर एसएलपी क्रमांक 693/2023 पर 12 मार्च 2026 को हुई अंतिम सुनवाई पर विस्तार से चर्चा की गई। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उक्त दोनों एसएलपी को निरस्त किए जाने पर कर्मचारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए न्यायालय एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
संघ ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विभाग में कार्यरत ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2010 में शासन द्वारा 4 दिसंबर 2018 को एक अध्यादेश जारी कर पदोन्नति नियमों में परिवर्तन कर दिया गया था। इससे ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की वरिष्ठता प्रभावित हो रही थी तथा छत्तीसगढ़ राज्य में लागू छत्तीसगढ़ पदोन्नति नियम 2003 का भी अतिक्रमण हो रहा था।
इसको लेकर संघ के तत्कालीन अध्यक्ष एमपी आड़े एवं अन्य तीन साथियों द्वारा 4 दिसंबर 2018 को जारी अध्यादेश के विरुद्ध छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका क्रमांक 4742/2019 दायर की गई थी।
याचिका लंबित रहने के दौरान संचालक कृषि द्वारा 29 मई 2021 को 4 दिसंबर 2018 के अध्यादेश के आधार पर 235 कनिष्ठ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को याचिका क्रमांक 4742/2019 के निर्णय के अधीन रहते हुए पदोन्नति दे दी गई थी।
बाद में माननीय उच्च न्यायालय ने 7 अप्रैल 2022 को अपने निर्णय में राज्य शासन के 4 दिसंबर 2018 के अध्यादेश को निरस्त करते हुए उसे अल्ट्रा वायर्स घोषित कर दिया। इस निर्णय के विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन एवं कृषि स्नातक संघ द्वारा पृथक-पृथक एसएलपी सर्वोच्च न्यायालय में दायर की गई थी।
सर्वोच्च न्यायालय में 12 मार्च 2026 को हुई अंतिम सुनवाई में दोनों एसएलपी खारिज कर दी गई। संघ के अनुसार इसका प्रभाव यह हुआ कि प्रकरण क्रमांक 4742/2019 के लंबित रहने के दौरान संचालक कृषि द्वारा की गई कुल 582 पदोन्नतियां स्वतः निरस्त हो गई हैं।
उक्त प्रकरण में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ की ओर से अधिवक्ता अनुराग दयाल श्रीवास्तव, गौरव चौधरी, साहिल टैंगोटा तथा सीनियर अधिवक्ता शोएब आलम ने पैरवी की।
बैठक में इन पदोन्नतियों को निरस्त करने तथा वर्ष 2019 में जारी वरिष्ठता सूची के आधार पर विधि सम्मत पात्र ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की पदोन्नतियां सुनिश्चित कराने के लिए संघ की आगामी रणनीति पर भी चर्चा की गई।
बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा, जिला अध्यक्ष किशोर शर्मा, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ के संरक्षक एमपी आड़े, प्रदेश अध्यक्ष विजय लहरे, आरएल गुप्ता, राजेंद्र वर्मा, मनोज कुमार, डीपी सूर्यवंशी, गीता चौरसिया, अनीता सोनी, विजय धीरज, नलिनी चंद्राकर, जेएस मरकाम, राजेश परस, राम भारद्वाज, पीडी दोहरे, कुंज बिहारी, जेस नाटिया, ओपी डहरिया, अरुण एका, अश्वनी कुर्रे, नरेश बघेल, फूल कुमारी, नरेटी रोहिणी मेश्राम, फिलोमिना खाका सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। कर्मचारियों ने जीत की खुशी में होली मिलन भी मनाया।