बिलासपुर: वन विभाग के डीएफओ से जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह परेशान… कलेक्टर को कॉल कर पूछते हैं- हमारा सचिव है कौन… जानिए क्या है पूरा मामला…

बिलासपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान वन विभाग के चार डीएफओ के रवैए से खासे परेशान हैं। उन्हें समझ में ही नहीं आ रहा है कि वन समिति में उनका सचिव कौन है। कलेक्टर को फोन लगाकर वे पूछते हैं कि उनका सचिव कौन है, जो जिला पंचायत स्थाई वन समिति की बैठक की तारीख तय करे।

दरअसल, पेंड्रा-गौरेला-मरवाही (जीपीएम) जिला बनने के बाद भी जिला पंचायत का पूरा कामकाज बिलासपुर जिला पंचायत से हो रहा है। अब तक जीपीएम जिले में अलग से जिला पंचायत अस्तित्व में नहीं आया है। जब से जिला पंचायत की नई बॉडी का गठन हुआ है, तब से स्थाई वन समिति की बैठक नहीं बुलाई गई है। स्थाई वन समिति की अध्यक्ष ने जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह से बैठक बुलवाने की गुजारिश की है। जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह ने जब बिलासपुर डीएफओ को फोन कर बैठक की तारीख तय करने को कहा तो उनका जवाब था कि यह जिम्मेदारी मरवाही वन मंडल का है। मरवाही डीएफओ को फोन लगाया गया तो उधर से जवाब मिला कि अब तक उन्होंने कभी बैठक नहीं बुलाई है। सामाजिक वानिकी और वन विकास निगम के डीएफओ से भी गोलमोल जवाब मिला। आखिरकार परेशान होकर जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह ने बीते गुरुवार की दोपहर कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर को कॉल कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया और उनसे पूछा कि आखिर स्थाई वन समिति का सचिव कौन है। उन्हें फोन कर बैठक बुलाने के लिए कहा जाए। पता चला है कि कलेक्टर डॉ. मित्तर ने जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह को डीएफओ से बात करने का आश्वासन दिया है।

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