बिलासपुर: आखिरकार रसूखदार पटवारी कौशल यादव का तबादला… ट्रांसफर रोकने सत्ता में बैठे नेताओं के आते रहे फोन… पर कलेक्टर ने नहीं सुनी किसी की बात…

बिलासपुर। कलेक्टर ने जिले के तीन पटवारियों का तबादला कर दिया है। दिलचस्प यह है कि इस तबादले से जिले के सबसे रसूखदार पटवारी कौशल यादव भी प्रभावित हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि उनका ट्रांसफर रोकने के लिए सत्ता में बैठे नेताओं के फोन तक आते रहे, लेकिन कलेक्टर ने किसी की बात नहीं सुनी।

राजस्व विभाग में पटवारी कौशल यादव का बड़ा ही रसूख है। यही कारण है कि वे सालों तक शहर के आसपास मालदार जगहों पर काबिज रहे। उनके खिलाफ लगातार शिकायतें भी मिलती रही हैं, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय राजस्व अफसर उन्हें एक जगह से हटाकर उसी से लगे हुए स्थान पर पदस्थापना देते आए हैं। मोपका हल्का से पहले कौशल यादव लिंगियाडीह में पदस्थ थे और मोपका में अमित पांडेय की पदस्थापना थी, तब भी कौशल के खिलाफ लगातार शिकायतें मिली थीं। शिकायत को दबाने के लिए राजस्व अफसरों ने अमित पांडेय और कौशल यादव का आपसी ट्रांसफर कर दिया। मोपका में पदस्थापना के दौरान भी कौशल के खिलाफ ढेरों शिकायतें मिली थीं, लेकिन उनके आका उन्हें लगातार बचाते आ रहे थे। पिछले दिनों कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने जिले के तीन पटवारियों का तबादला कर दिया। बताया जाता है कि इस बीच खबर लीक हो गई और पटवारी कौशल यादव ने फिर एक बार अपने आकाओं की शरण ली। उनकी पहुंच का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। उनका तबादला रोकने के लिए सत्ता में बैठे नेताओं के फोन तक घनघनाने लगे। ये तो कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर का साहस है कि उन्होंने किसी की बात नहीं सुनी और फाइल को एसडीएम कार्यालय भेजवा दिया। राजस्व विभाग के सूत्रों के अनुसार मोपका पटवारी रहे कौशल यादव को बैमा नगोई, बैमा नगोई के पटवारी अभिषेक शर्मा को मंगला और मंगला के पटवारी आलोक तिवारी को मोपका भेजा गया है।

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