एसईसीएल में कमीशनखोरी का ऑडियो वायरल… खाते में राशि आते ही 30 फीसदी लौटाना पड़ता है ठेका कर्मियों को… सीएमडी व आला अफसरों तक पहुंचा मामला…

बिलासुपर। सोशल मीडिया पर वायरल तीन ऑडियो ने एसईसीएल में चल रहे कमीशनखोरी की पोल खोलकर रख दी है। ये ऑडियो ठेकाकर्मियों से कमीशन लेने के मामले में एसईसीएल के दो अधिकारी और एक ठेकेदार से बातचीत से संबंधित हैं। हालांकि www.aajkal.info वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है।

वायरल ऑडियो की मानें तो भारी भरकम सैलरी और हर साल बोनस लेने वाले एसईसीएल के अफसर हर माह महज 14 से 11 हजार रुपए वेतन पाने वाले ठेकाकर्मियों से कमीशनखारी करते हैं। ठेकाकर्मियों को मिलने वाले वेतन की 30 से 40 फीसदी राशि कमीशन के रूप में उनसे वापस ले ली जाती है। ठेकाकर्मियों के बैंक एकाउंट में हर माह पूरी राशि जमा की जाती है, वेतन जमा होने के दिन ही उनसे कमीशन ले लिया जाता है। इसका खुलासा तब हुआ, जब एक ठेकाकर्मी ने कमीशन देने से इनकार कर दिया। इस मामले में एसईसीएल के दो अधिकारियों समेत एक ठेकेदार का आडियो वायरल हुआ है। सीएमडी से लेकर एसईसीएल के तमाम आला अफसरों से शिकायत करने के बाद भी दोषी अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उधर, इस साल टेंडर नए ठेकेदार को मिला है, उसने पिछले 10-12 साल से नियमित रूप से काम कर रहे ठेकाकर्मियों की जगह कोरबा और जांजगीर से नए कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी है।

बताते चलें कि एसईसीएल मुख्यालय समेत इंदिरा विहार, वसंत विहार और नेहरू शताब्दी कालोनी में इलेक्ट्रिक मेंटेनेंस का काम पिछले कई सालों से ठेके पर दिया जा रहा है। इसके लिये टेंडर होता है। ठेकेदार बदलने के बाद भी पुराने प्रशिक्षित ठेकाकर्मियों को दोबारा काम पर रखा जाता रहा है। इलेक्ट्रिशियन को करीब 14 हजार रुपए, हेल्पर को करीब 11 हजार और मजदूर को करीब 8 हजार रुपए मानदेय के तौर पर दिया जाता रहा है। ठेकाकर्मियों को उनके काम के एवज में उचित भुगतान हो सके, इसलिए एसईसीएल के पूर्व के अधिकारियों ने ठेकाकर्मियों के बैंक एकाउंट में राशि जमा करने का नियम बनाया था, इस नियम से हर माह बैंक एकाउंट में तय राशि जमा तो की जाती है, लेकिन ठेकाकर्मियों को खाते में राशि जमा होने के तत्काल बाद कमीशन देना पड़ता है।

एसईसीएल के कुछ अधिकारियों पर ठेकाकर्मियों को मिलने वाली राशि से कमीशनखोरी का आरोप है। नौकरी बचाने की मजबूरी में हर माह ठेकाकर्मी कमीशन देते आ रहे हैं, कुछ माह पहले एक ठेकाकर्मी ने कमीशन देने से इनकार कर दिया तो एसईसीएल के अधिकारियों ने उसे काम से बाहर करने की धमकी दी। इसके बाद एसईसीएल के तीन अधिकारियों के साथ ही एक ठेकेदार से मोबाइल पर की गई बातचीत रिकार्ड की गई। सीएमडी समेत अन्य अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन दोषी अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

10-12 साल से काम कर रहे थे निकाले गए ठेकाकर्मी

काम से निकाले गए ठेकाकर्मी पिछले 10-12 साल से काम कर रहे थे, इस दौरान ठेकेदार तो बदले लेकिन कर्मचारियों को नहीं निकाला गया। इधर, शिकायत करने वाले कर्मचारियों को लाकडाउन के पीरियड में ही काम से निकाल दिया गया है, अब ये लोग अधिकारियों के चक्कर लगा  रहे हैं। बताया जा रहा है कि नए नियुक्त अधिकांश ठेकाकर्मी अप्रशिक्षित हैं। कालोनी में रहने वाले लोग पूर्व से कार्यरत ठेकाकर्मियों से परिचित थे, कुछ मजदूर संगठनों के पदाधिकारी इलेक्ट्रिक मेंटेनेंस के लिये अप्रशिक्षित कर्मचारियों को नियुक्त करने को लेकर विरोध करने पर विचार कर रहे हैं।

शिकायत की जांच होगी

ठेकाकर्मियों की तरफ से किसी तरह की शिकायत की जानकारी नहीं है, इस तरह की शिकायत की गई है तो निश्चित रूप से जांच करने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। एसईसीएल में हर काम नियमों के मुताबिक होता है।

– मिलिंद चहांदे, उप प्रबंधक जनसंपर्क, एसईसीएल

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