बिलासपुर: 5 दिसंबर को होगा राज्य स्तरीय रावत नाच महोत्सव… लाल बहादुर शास्त्री स्कूल में यदुवंशी करेंगे शौर्य का प्रदर्शन… मेयर समेत समिति के सदस्यों ने की कलेक्टर से मुलाकात… जानिए मेयर रामशरण ने क्या अपील की…

बिलासपुर। राज्य स्तरीय रावत नाच महोत्सव का आयोजन 5 दिसंबर को होगा। इस दिन स्थानीय लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान में यदुवंशी अपने शौर्य का प्रदर्शन करेंगे। कलेक्टर सारांश मित्तर ने आयोजन समिति के पदाधिकारियों को शासन-प्रशासन की गाइड लाइन को ध्यान में रखकर महोत्सव आयोजित करने की अनुमति दे दी है।

इन दिनों कोरोना काल चल रहा है। ऐसे में रावत नाच महोत्सव के आयोजन को लेकर संशय था। यदुवंशियों में भी निराशा थी। इसे ध्यान में रखते हुए मेयर रामशरण यादव, रावत नाच महोत्सव समिति के संयोजक कालीचरण यादव, आरजी यादव, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव (राजू) ने सोमवार सुबह कलेक्टर सारांश मित्तर से मुलाकात की। उन्हें बताया गया कि एकादशी से जिले में रावत नाच महोत्सव की शुरुआत हो जाती थी, लेकिन इस साल कोरोना संक्रमण के चलते आयोजन पर ग्रहण लगा हुआ है।

यदुवंशियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर डॉ. मित्तर ने कहा कि शासन-प्रशासन की गाइड-लाइन को ध्यान रखते हुए लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान में रावत नाच महोत्सव का आयोजन कर सकते हैं। पुलिस प्रशासन भी रावत नाच महोत्सव के दौरान समिति का साथ देगा। महापौर रामशरण यादव ने बताया कि 43 वें रावतनाच महोत्सव को लेकर जिला प्रशासन से सहमति मिल गई है। देवउठनी के बाद 5 दिसंबर शनिवार को लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान में रावत नाच महोत्सव का आयोजन होगा। इसमें कोरोना संक्रमण को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग सहित शासन की अन्य गाइड-लाइन का पूरा ध्यान रखा जाएगा। प्रतिनिधि मंडल में समिती के धन्नू यादव, सतीश यादव, जशवंत यादव, चंद्रिका यादव आदि सदस्य शामिल थे।

मेयर बोले- राज्यभर में अलग पहचान

महापौर रामशरण ने बताया कि बिलासपुर के रावत नाच महोत्सव का राज्य में अलग ही पहचान है। पहले आसपास के क्षेत्र से ही दल आते थे, लेकिन जैसे-जैसे प्रसिद्धि बढ़ती गई, दलों की संख्या भी बढ़ती गई। आज लगभग पूरे राज्य से यदुवंशी आते हैं।

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