छत्तीसगढ़: कवर्धा कांड को लेकर सियासत गर्म… प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने माना- प्रशासन से हुई चूक… जानिए किसने क्या कहा…

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने कवर्धा की घटना को भाजपा की साजिश करार दिया है। सरकार के वरिष्ठ विधायक मंत्री रविंद्र चौबे, मोहम्मद अकबर और प्रेमसाय सिंह टेकाम ने शनिवार को प्रेसवार्ता लेकर भाजपा पर दो लोगों के विवाद को सांप्रदायिक रंग देने की साजिश करने का आरोप भी लगाया। इस दौरान चौबे ने स्वीकार किया कि इस मामले में शुरुआत में प्रशासनिक चूक है। दोषी अधिकारियों पर कार्यवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी हमारी प्राथमिकता वहां शांति बहाली है।

वन मंत्री अकबर ने शंकर नगर स्थित सरकारी आवास आयोजित इस प्रेसवार्ता में मंत्री चौबे ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कवर्धा की घटना में शामिल सभी दोषियों पर सख्‍त से सख्‍त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। माहौल खराब करने व हिंसा फैलाने की घटना में जिनके भी चहेरे सामाने आएंगे उनके खिलाफ न केवल एफआइआर होगी बल्कि गिरफ्तारी भी होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा को प्रदेश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।

कार्रवाई में भेदभाव क्यों?

राजनांदगांव लोकसभा सीट के सांसद संतोष पाण्डेय के इस आरोप पर कि एक वर्ग ने आपत्तिजनक नारे लगाए लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है, कृषि मंत्री चौबे ने कहा कि किसी को नहीं बख्शा जा रहा है। सभी घटनाओं की वीडियों फुटेज उपलब्ध है, सभी मामलों में कार्रवाई की जा रही है। अगर सांसद पाण्डेय एक रत्ती भी सच बोल रहे है तो उनके पास अगर प्रमाण है तो वे इसे पुलिस प्रशासन को उपलब्ध करा सकते हैं। कवर्धा के बाहर के लोगों ने कवर्धा जाकर जो घटना कि इसके प्रमाण भी मीडिया उपलब्ध कराए जाएगा।

एक दिन पहले बाहर से बुलाए गए लोग

मंत्री चौबे ने बताया कि मंत्री अकबर के निर्देश झंडा फिर लगा दिया गया था। वहां धारा 144 लागू होने के बावजूद भाजपा ने पांच अक्टूबर को जुलूस निकाला। इसके लिए प्रदेश के अलग-अलग स्थानों जैसे माना (रायपुर) बिलासपुर, मुंगेले, बेमेतरा, कुरूद, धमतरी, रायपुर, राजनांदगांव से लोगोें को बुलाया गया था। ये काम इतना सुनियोजित ढंग से किया गया था कि एक रात पहले इन लोगों को स्कूल में ठहराया गया था।

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