गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अब बहेगी विकास की गंगा… जिला पंचायत ने खोला खजाना… 15वें वित्त आयोग से 9 करोड़ 92 लाख 55 हजार किए जारी… ये दिक्कतें भी की दूर… देखिए किस ब्लॉक के हिस्से में आई कितनी राशि…

बिलासपुर। नवगठित गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की 166 ग्राम पंचायतों में अब विकास की गंगा बहेगी। नया जिला बनते ही जिला पंचायत प्रशासन ने इन ग्राम पंचायतों की बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए नौ करोड़ 92 लाख 55 हजार रुपए जारी कर दिए हैं। इस राशि से गांव की सरकार जनता की मांग के आधार पर विकास कार्य को अंजाम देंगे।

छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने मरवाही क्षेत्र की जनता की वर्षों पुरानी मांग पर मुहर लगाते हुए हाल ही में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को जिला घोषित किया है। यह क्षेत्र पहले बिलासपुर जिले में शामिल था। राज्य सरकार भी नए जिले के विकास में किसी तरह की कोई कसर नहीं छोड़ रही है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की मांग के आधार विकास कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं। हालांकि अभी नए जिले में पंचायत विभाग संबंधित कामकाज अब भी बिलासपुर जिला पंचायत के अधीन हो रहा है। इसलिए राज्य सरकार के मंशानुरूप जिला पंचायत प्रशासन भी नए जिले गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के विकास की राह आसान करते आ रहा है।

बताते चलें कि 15वां वित्त आयोग का कार्यकाल शुरू हो चुका है, जो 2025 में समाप्त होगा। 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आधार पर प्रत्येक ग्राम पंचायतों के लिए दो किश्तों में राशि आ चुकी है। नए जिले के विकास में किसी भी तरह की बाधा न आए, इसलिए जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र सिंह ठाकुर ने पहला किश्त आते ही वहां की 166 पंचायतों और 3 जनपद पंचायतों का हिस्सा जारी कर दिया था। हाल ही में उन्होंने गांवों के विकास के लिए 15वें वित्त आयोग की दूसरी किश्त जारी कर दी है। जिला पंचायत सीईओ ठाकुर का कहना है कि नए जिले के विकास में किसी तरह की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। जनता और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की मांग के आधार पर हम मनरेगा से विकास कार्य स्वीकृत करते आ रहे हैं।

बुनियादी सुविधाओं के विकास पर जोर

जिला पंचायत सीईओ ठाकुर ने बताया कि 15 वें वित्त आयोग की धनराशि से ग्राम पंचायतों में पुरानी संपत्तियों के रखरखाव, पेयजल सुविधा, स्वच्छता, सीवेज बाढ़ के पानी की निकासी, सड़कों का रखरखाव, स्ट्रीट लाइट, कब्रिस्तान आदि का निर्माण कराया जा सकता है।

जीपीडीपी के आधार पर खर्च कर सकेंगे राशि

जिला पंचायत सीईओ ठाकुर ने बताया कि 15वें वित्त आयोग में उपरोक्त राशि के उपयोग के लिए जिला, जनपद और ग्राम पंचायत स्तर पर जीपीडीपी तैयार करने ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा का आयोजन 2 अक्टूबर को किया जा रहा है। विकास कार्यों के लिए ऑनलाइन खाता, डीएससी, केवाइसी आदि काम पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि जब प्रथम किश्त की राशि जारी की गई थी, तब राशि निकालने में पंचायतों को तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं। शिकायत मिलने पर जिला पंचायत प्रशासन ने तकनीकी दिक्कतों को दूर करा लिया है।

एक नजर ब्लॉकवार आवंटित राशि पर

ब्लॉक                    राशि

गौरेला                   33047558

पेंड्रा                     23290768

मरवाही                  45917274

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