BJP की तरह सभी विपक्षी दलों के लोगों के खिलाफ ‘राजनैतिक द्वेष’ की भावना से दर्ज मुकदमे वापस हों: मायावती…

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) ने मुजफ्फरनगर दंगे (Muzaffarnagar Riots) से जुड़े एक केस की वापसी के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई है। अदालत को इस पर फैसला लेना है। उधर योगी सरकार के इस कदम पर सियासत तेज हो गई है। मामले में बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती (BSP Supremo Mayawati) ने अलग ही मांग कर दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी के लोगों के ऊपर राजनैतिक द्वेष की भावना से दर्ज मुकदमे वापस होने के साथ ही सभी विपक्षी पार्टियों के लोगों पर भी ऐसे दर्ज मुकदमे वापस होने चाहिए। बसपा की ये मांग है।

फिलहाल यूपी सरकार की अर्जी पर कोर्ट ने फैसला नहीं किया है बता दें कि सरकारी वकील राजीव शर्मा ने मुजफ्फरनगर की एडीजे कोर्ट में मुकदमा वापसी के लिए अर्जी दी है। मुकदमा वापसी की अर्ज़ी पर फिलहाल कोर्ट ने कोई फैसला नहीं दिया है। मालूम हो कि 7 सितंबर 2013 में नंगला मंदौड़ की महापंचायत के बाद एफआईआर दर्ज हुई थी। इन तीनों नेताओं पर भड़काऊ भाषण, धारा 144 का उल्लंघन, आगजनी और तोड़फोड़ की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। मुजफ्फरनगर में सचिन और गौरव की हत्या के बाद यह महापंचायत बुलाई गई थी।

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