वन विभाग का पौधरोपण देख विधायक शैलेश के चेहरे खिले… कहा- पौधे तो सब रोपते हैं, उसे पेड़ बनाने की जवाबदारी आपकी है… ख्याल रहे, दोबारा फिर आऊंगा…

बिलासपुर। वन विभाग के अफसरों ने बुधवार को विधायक शैलेश पांडेय को पौधरोपण स्पॉट का निरीक्षण कराया। इस दौरान पौधों की हरियाली की तरह वन अफसरों के चेहरे पर खिले हुए थे। पौधों की स्थिति को देखकर विधायक पांडेय संतुष्ट तो हुए, लेकिन अफसरों से कहा कि पौधे रोपना कोई बड़ा काम नहीं है, बड़ा काम है, उसे जीवित रखना है। इसलिए ख्याल रहे कि ये हरियाली हमेशा बनी रहे। इन जगहों का निरीक्षण करने वो फिर से आएंगे।

वन विभाग ने इस साल बिलासपुर में 4 लाख  पौधे लगाए हैं। इसे मिलाकर पिछले वर्ष से इस वर्ष तक 4 लाख हेक्टेयर भूमि में पौधरोपण वन विभाग ने किया है। अब तक वन विभाग के कार्यों का निरीक्षण मंत्री और बड़े अफसर करते रहे हैं। कांग्रेस सरकार के पैसे का उपयोग वन विभाग किस तरह से कर रहा है, इसका जायजा लेने के लिए बुधवार को विधायक शैलेश पांडेय निकल गए।

वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक अनिल सोनी, वन मंडल अधिकारी निशांत सिंह व एटीआर की उप संचालक विजया रात्रे ने उन्हें बिलासपुर, पसान, रतनपुर, बेलगहना, कोटा, अचानकमार में किए गए पौधरोपण का निरीक्षण कराया। मौके पर पिछले और इस साल रोपे गए पौधे हरियाली से लहलहा रहे हैं, जिसे देखकर विधायक ने वन अफसरों को तारीफ की। साथ ही यह भी कहा कि अभी जिस हाल में ये पौधे हैं, उसी हाल में ये वृक्ष बन जाए, यही हमारी जिम्मेदारी है, क्योंकि पौधे लगाना आसान है, लेकिन उसे जीवित रखना मुश्किल है।

उन्होंने बीजेपी शासन में बिलासपुर वन मंडल में किए गए पौधरोपण की याद दिलाते हुए अफसरों से कहा कि यदि उस समय लगाए गए पौधे अब तक जीवित रहते तो हमें और पौधरोपण करने की जरूरत नहीं पड़ती। मनरेगा के तहत बायोडीजल निकालने के लिए करोड़ों रुपए के पौधे लगाए गए थे, लेकिन आज बायोडीजल निकालने के लिए एक भी पौधा जीवित नहीं है। बिलासपुर को आम्रजिला बनाने के लिए करोड़ों रुपए फूंके गए, लेकिन उस समय का एक भी पौधा आज जीवित नहीं है। बिलासपुर को सीताफल जिला बनाने अफसरों ने सब्जबाग दिखाया गया। इसके लिए करोड़ों रुपए फूंके गए, लेकिन सीता फल का एक भी पेड़ यहां दिखाई नहीं देता। उन्होंने अफसरों को दो टूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस शासन काल में ऐसा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने वन अफसरों को हिदायत दी कि जिस तरह आज से पौधे लहलहा रहे हैं, उसी तरह ये पेड़ बन जाए, यह जवाबदारी वन अफसरों की है।

उन्होंने अफसरों को बताया कि वनमंत्री का स्पष्ट निर्देश था कि जितनी जल्दी हो, पौधे सभी चयनित स्थानों पर लगाए जाएं। विधायक के साथ पार्षद रमाशंकर बघेल, शैलेन्द्र जायसवाल, जंगल मितान के अध्यक्ष अखिलेश बाजपाई, दीपांशु श्रीवास्तव आदि भी थे।

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