बिलासपुर BREKING: मॉडर्न एंड मोरल एकेडमिक पब्लिक स्कूल की वेबसाइट बिकाऊ लिस्ट में… 12 जरूरी दस्तावेज गायब… बोले अफसर- स्क्रीनशॉट भेजिए, एक्शन लेंगे…

www.mmapseducation.com, जिसे CBSE के SARAS 7.0 पोर्टल पर दर्ज किया गया है, वर्तमान में बंद पड़ी है और “Buy this domain” के साथ बिक्री के लिए दिखाई दे रही है...

बिलासपुर। जिले के परसा स्थित केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध मैड्रिड एंड मोरल एकेडेमिक पब्लिक स्कूल एक गंभीर विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय को लेकर चर्चा में है। स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट www.mmapseducation.com, जिस पर CBSE का SARAS 7.0 पोर्टल दर्ज है, वर्तमान में बंद है और बिक्री के लिए “इस डोमेन को खरीदें” के साथ दिखाई दे रही है। वेबसाइट पर स्कूल एसोसिएटेड जानकारी के बजाय असंबंधित विज्ञापन चित्रित हो रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा पत्रिका को स्कूल के जरूरी दस्तावेज और संबंधित जानकारी नहीं मिल पा रही है।

सीबीएसई एफिल एजुकेशन बायलॉज 2018 के नियम 14.2.4 के अनुसार प्रत्येक संबद्ध स्कूल के लिए अपनी वेबसाइट पर “अनिवार्य सार्वजनिक प्रकटीकरण” लिंक प्रदान करना अनिवार्य है। इसके तहत स्कूलों के 12 महत्वपूर्ण दस्तावेज सार्वजनिक रूप से अपलोड किए जा रहे हैं, जिनमें एफिल एसोसिएशन लेटर, सोसाइटी अपॉइंटमेंट, राज्य सरकार की एनॉमी, बिल्डिंग आवासीय संस्थान, फायर असिस्टेंट प्रमाण पत्र, जिला शिक्षा अधिकारी से मान्यता प्राप्त दस्तावेज, छात्रवृत्ति सूची, छात्र संख्या, एकेडमिक कैलेंडर, स्कूल मान्यता समिति और पीटीए सूची शामिल हैं।

लेकिन वेबसाइट बंद होने के कारण इलेक्ट्राइंड एंड मोरल एकेडमिक पब्लिक स्कूल के अभिभावकों से कोई भी दस्तावेज नहीं देखा जा रहा है। इस स्कूल की दुकान और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल पूछे गए हैं।

सीबीएसई के सरस पोर्टल के अनुसार स्कूल का नाम मॉडर्न एंड मोरल एकेडेमिक पब्लिक स्कूल, एफिलिएशन नंबर 3330512 तथा पता परसदा, बिलासपुर-रायपुर रोड, जिला बिलासपुर दर्ज है। पोर्टल में पोर्टल के रूप में यू.एस. मनोज मेनन का नाम दर्ज है।

स्थानीय स्थापत्य का आरोप है कि स्कूल में नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया और फीस जारी की जाती है, लेकिन फीस की लिखित जानकारी नहीं दी जा रही है। स्ट्रोबस्ट का यह भी कहना है कि बिल्डिंग रेजिमेन्ट एंड फायर एनॉमी कंपनी मैनेजमेंट पर भी स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
शिक्षा मामलों के प्रमुख प्रमुख शुभेंदु नस्कर ने कहा कि वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से उपलब्ध दस्तावेज सीधे तौर पर सीबीएसई बोर्ड का उल्लंघन है। उनके अनुसार बिना फायर रेजिमेन और बिल्डिंग सुरक्षा प्रमाण पत्र के बच्चों को स्कूल में जोखिम का खतरा हो सकता है।

सीबीएसई के अनुसार वेबसाइट पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना नहीं लगाया जा सकता है। लगातार उल्लंघन की स्थिति में स्कूल से संबद्धता पर भी कार्रवाई संभव है। स्कूल प्रबंधन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन निर्माता यू.सी. मनोज मेनन से बात नहीं हो सकी। उनका पक्ष प्राप्त होने पर प्रकाशित किया जाएगा।

इस समाचार विज्ञप्ति में प्रकाशित किया जा रहा है ताकि अभिभावक निवास और बच्चों के प्रवेश से पहले स्कूल की वैधानिक और सुरक्षा संबंधी स्थिति की पूरी जांच कर सकें।

सीबीएसई बोर्ड बोले- ड्रिप ग्रीष्म, तूफानी तूफान

सीबीएसई क्षेत्रीय कार्यालय हॉस्टल के एक छात्र के अनुसार शिकायत बैठक में सबसे पहले स्कूल को नोटिस जारी किया गया है। एफिलिएशन से संबंधित कार्रवाई के लिए किसी भी तरह का उत्तर नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि आप डोमिन के छात्रों के साथ याचिका दायर करते हैं तो स्मारक में ले जाकर एक्सट्रा एक्शन ना ले जाएं, उन्हें यह सलाह दी जाती है कि वे प्रवेश लेने से पहले स्कूल की स्थिति और वेबसाइट की जांच करें। साथ ही फ़ेसबुक, फ़ायर एनसोमी, फ़ार्म हाउस और अन्य दस्तावेज़ों की दस्तावेज़ माँगें। दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं है, दस्तावेज़ की स्थिति में अभिभावक भी सीबीएसई क्षेत्रीय कार्यालय को आवेदन सहित याचिका भेज सकते हैं।