सियासत: जिस तेजी से कांग्रेस सरकार ने इतिहास रचा… उसी तेजी से ग्राफ गिरा… शिक्षक के पद पर चयनित उम्मीदवार करेंगे 8 जून महाआंदोलन…

रायपुर। साल 2018 में सत्ता परिवर्तन के बाद साल 2019 की शुरुआत में ही छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने 14580 शिक्षकों की सीधी भर्ती निकालकर इतिहास रच दिया। मगर जिस तेजी से इतिहास बना, उसी तेजी से विवादित भी हो गया। मसलन यह कि करीब दो बाद भी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है, जिसे लेकर चयनित अभ्यर्थियों ने बीते 8 जून को महाआंदोलन का ऐलान तो किया था, मगर आंदोलन से पहले ही सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

साल 2019 से लेकर साल 2021 के मध्य तक यानी दो साल से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी छत्तीसगढ़ में 14850 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। पहले परीक्षा हुई, परिणाम जारी किया गया, मैरिट सूची तैयार हुई। सत्यापन भी हुआ, फिर बस ऐसा लगने लगा कि कल ही नियुक्ति आदेश जारी हो जाएगा, जाएंगे, लेकिन दो साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी आज दिनांक तक अलग-अलग कारणों से दो-दो बार सत्यापन होने के बाद भी नियुक्ति आदेश जारी नहीं हो सके हैं, जिससे हताश और उदास चयनित अभ्यर्थियों ने दर्जनों बार जिम्मेदारों को ज्ञापन सौंपने के बाद 8 जून को राजधानी रायपुर में महाआंदोलन का निर्णय लिया।

नहीं मिली इजाजत तो धरना किया स्थगित

आंदोलन की अनुमति के लिए पुलिस-प्रशासन को आदेवन भी दिया गया, मगर कोविड गाइडलाइन और रायपुर में धारा 144 लगे होने के कारण पुलिस-प्रशासन ने धरने की अनुमति नहीं दी। जिसके बाद अभ्यर्थियों ने अपना धरना तो स्थगित कर दिया, मगर यहीं से शुरू हुई सियासत। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ। रमन सिंह सहित पूर्व आईएएस और युवाओं के रोलमॉडल माने जाने वाले बीजेपी नेता ओपी चौधरी ने ट्वीट कर सरकार पर अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी का आरोप लगा दिया। दोनों ने ट्वीट कर यह लिखा कि सरकार लोकतंत्र का आवाज दबाने लिए अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी की है।

नेताओं के ट्वीट से मचा बवाल

दोनों नेताओं के ट्वीट के बाद मानों सियासी बवाल मच गया। कांग्रेस की ओर से पूरी पार्टी ने रमन सिंह पर झूठ की बुनियाद पर राजनीति करने का आरोप लगते हुए सोशल मीडिया पर अभियान छेड़ दिया। कांग्रेस की ओर से रमन सिंह को झूठा करार देकर माफी मांगने की भी मांग की गई।

पुलिस ने ट्वीट कर जानकारी को गलत बताया

सत्ताधारी दल पर अगर आरोप लगे तो यह सत्ता की प्रतिष्ठा का सवाल बन जाता है और हुआ भी कुछ ऐसा ही। रायपुर पुलिस ने ट्वीट कर रमन सिंह के जानकारी को गलत बताया तो वहीं रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कोविड गाइडलाइन के तहत आंदोलन की अनुमति नहीं दी गई, मगर किसी की भी गिरफ्तारी नहीं की गई। यह कहना कि किसी की भी गिरफ्तारी की गई है, यह पूरी तरह से गलत है। चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों के आंदोलन और राजनीति पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि यह सरकार की तानाशाहीपूर्ण रवैया है।

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