छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट: गोड़ा सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर रोक… एसडीएम से तीन दिन में मांगा हलफनामा

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की ग्राम पंचायत गोड़ा की सरपंच श्रीमती उषा धीवर को बड़ी अंतरिम राहत देते हुए उनके खिलाफ प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति अमितेन्द्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने मामले में प्रक्रियात्मक खामियों को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी, पलारी को तीन कार्यदिवस के भीतर व्यक्तिगत शपथपत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। सरपंच के खिलाफ 30 अक्टूबर 2026 को अविश्वास प्रस्ताव का सम्मेलन प्रस्तावित था।

सरपंच उषा धीवर ने अधिवक्ता हेमंत गुप्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका (WPC No. 5458/2026) दायर कर अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया को चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 28 अक्टूबर 2026 के निर्देश के पालन में एसडीएम पलारी को अविश्वास प्रस्ताव से संबंधित मूल अभिलेखों के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने को कहा था।

अदालत में प्रस्तुत रिकॉर्ड की जांच के दौरान पंचों के सत्यापन की प्रक्रिया में गंभीर कमियां सामने आईं। न्यायालय ने पाया कि संबंधित पंचों की पहचान याचिकाकर्ता द्वारा कराए जाने और उनके सत्यापन का समुचित विवरण रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं था।

एसडीएम की ओर से पंचों का सत्यापन किए जाने की बात कही गई, लेकिन सत्यापन पत्रक पर एसडीएम के हस्ताक्षर भी दर्ज नहीं थे। इससे सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हुए।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि अविश्वास प्रस्ताव से संबंधित आदेश पत्रक की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने के लिए विधिवत आवेदन दिया गया था। इसके बावजूद संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।

अदालत ने इस मामले में एसडीएम से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्हें अपने हलफनामे में बताना होगा कि याचिकाकर्ता को मांगे गए दस्तावेज क्यों उपलब्ध नहीं कराए गए और पंचों के सत्यापन पत्रक पर उनके हस्ताक्षर क्यों नहीं थे।

रिकॉर्ड में सामने आई प्रक्रियात्मक खामियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने 21 अक्टूबर 2026 के नोटिस के तहत 30 अक्टूबर को प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही पर आगामी सुनवाई तक रोक लगा दी।

अदालत ने एसडीएम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले में जवाबदेही तय करने की दिशा में भी कदम उठाया है। एसडीएम को तीन कार्यदिवस के भीतर व्यक्तिगत शपथपत्र पेश करना होगा।

इसके अलावा, राज्य सरकार के शासकीय अधिवक्ता अखिलेश कुमार को अदालत में प्रस्तुत सभी दस्तावेजों की छायाप्रतियां जमा करने का निर्देश दिया गया है। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 नवंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। अब एसडीएम के शपथपत्र और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर मामले में आगे सुनवाई होगी।

फिलहाल हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश से सरपंच उषा धीवर के खिलाफ प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही पर रोक लग गई है। मामले में अंतिम निर्णय अगली सुनवाई और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद होगा।