बैराज के 2 गेट बंद होते ही बौराई अरपा हो गई शांत, प्रशासन ने ली राहत की सांस… पटरी पर लौटने लगी जिंदगी…

बिलासपुर। भैंसाझार बैराज के 7 गेट खुलने के बाद शहर में अरपा नदी का जलस्तर बढ़ गया था। जिसके चलते नीचली बस्ती में पानी घूसने लगा। जिला प्रशासन के साथ ही निगम अमला रात भर नदी किनारे पर अलर्ट मोड में रहा। नदी किनारे रहने वाले ऐसे लोग जिनके घरों में पानी भर गया था उन्हें खाली कराकर स्कूलों और समुदायिक भवनों में ठहराया गया। शनिचरी रपटा भी लबालब हो चुकी थी ऐसे में आवगमन बंद कर दिया गया। गुरुवार को अरपा का जलस्तर घटने लगा। बुधवार की रात तक शनिचरी रपटा के दो फीट ऊपर तक नदी का पानी बह रहा था अब पुल दोबारा दिखाई देने लगा है। निगम अमला पानी नीचे उतरने के बाद पुल को दोबारा शुरू करने उसकी साफ-सफाई में जुटा गई है। मांडवा बस्ती में भी हालात दोबारा सामान्य होने लगा है। लोगों के घरों से पानी पूरी तरह निकल चुका है। दोपहर तक बस्ती में निगम के 4 टैंकर्स के साथ-साथ खाने के पैकेट्स लोगों को दिए गए। जलस्तर नीचे उतरने की वजह से निगम के कर्मचारी एक बार फिर पुल को दोबारा शुरू करने के लिए उसकी सफाई में जुटा हुए हैं। पानी के साथ आए मलबे को जेसीबी और ट्रक के जरिए हटाने का काम किया गया। हालांकि पुल को अभी भी दोबारा शुरू नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि भले नदी का जलस्तर घट गया हो लेकिन पानी का बहाव अभी भी खतरनाक स्तर पर है।

मेयर ने किया निरीक्षण भोजन के पैकेट्स बांटे

महापौर रामशरण यादव ने गुरुवार को जलस्तर कम होने के बाद प्रभावित क्ष्ोत्रों का निरीक्षण किया निगम द्बारा स्कूलों और समुदायिक भवनों में रूके 17०० से अधिक लोगो को भोजन वितरण किया। मेयर ने बताया कि निगम पुल की सफाई के साथ ही मरम्मत करने का काम भी कर रही है। अभी उसे चालू नहीं किया गया है। लेकिन अब अरपा का पानी कम हो चुका है। लोगो के घरों में भरे पानी भी निकल चुके है। निगम अपनी तरफ से राहत अभियान चला रही है।

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