बिलासपुर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई… धमनी में अवैध प्लाटिंग की रजिस्ट्री पर लगाई रोक… 30 एकड़ जमीन पर की जा रही थी अवैध प्लाटिंग… एसडीएम साहू बोले-

बिलासपुर। जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लाटिंग पर बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने बिल्हा तहसील के ग्राम धमनी में करीब 30 एकड़ जमीन पर की जा रही अवैध प्लाटिंग की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी है। इसकी सूचना पंजीयन विभाग को भी दी गई है।

बिल्हा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत धमनी में करीब 30 एकड़ जमीन पर अवैध प्लाटिंग की जा रही है। इन अवैध प्लाटिंग करने वालों ने बिलासपुर शहर समेत गांवों में भी सिर्फ 150 रुपए से 199 रुपए वर्गफीट की दर से स्मार्ट सिटी और विमानतल से 2 किमी की दूरी पर शानदार प्लाट देने का जगह-जगह बोर्ड लगवाए हैं। सिर्फ ग्राहकों को फंसाने के लिए, जबकि सच्चाई यह है कि 199 रुपए की दर वाली कोई प्लाट ही नहीं है और वैसे भी शहर और आसपास में न्यूनतम 500 रुपए की दर से कोई प्लाट नहीं मिल सकता। अवैध प्लाटिंग करने वाले लोग ग्राहकों को 250 से 300 रुपए का रेट बता 199 रुपए वाला प्लाट पूरा बिक जाने का बहाना बनाते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग की शिकायत मिलने पर बिल्हा एसडीएम ने रजिस्ट्री पर रोक लगा दी है।

मुरुम क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग… कई बोर फेल

अवैध प्लाटिंग के लिए 30 एकड़ से भी ज्यादा जमीन ऐसी जगह चुनी गई, जो पूरी तरह मुरुम खदान वाला क्षेत्र है। वहां पानी मिलना मुश्किल है। यहां कई बोर की खुदाई हुई, मगर सब फेल हो गए।

बिजली विभाग से बिना अनुमति लगा लिए पोल

प्लाट खरीदने आने वालों को गुमराह करने के लिए मौके पर सौ से भी ज्यादा विद्युत पोल न केवल लगवा दिए गए हैं, बल्कि उनमें तार में भी दिखा गया है, जबकि बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। बिजली की आपूर्ति होगी भी कैसे, क्योंकि वहां तो बिजली के खंभे तक लगाने की कोई अनुमति बिजली विभाग से नहीं ली गई है। इसका प्रमाण यह है कि वहां एक भी ट्रांसफार्मर नहीं लगा है। वैसे भी बिजली विभाग अपनी शर्तों पर पोल और ट्रांसफार्मर लगाने के बाद बिजली आपूर्ति की अनुमति देता है।

तमाशा देखते रहे राजस्व अधिकारी

ताज्जुब तो यह है कि कई महीनों से धमनी ग्राम में इतने बड़े भू-भाग पर अवैध प्लाटिंग का खेल चल रहा था और पटवारी, आरआई, तहसीलदार व विद्युत विभाग के अधिकारी चुपचाप तमाशा देखते रहे हैं। उनको उसकी जानकारी न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। चर्चा तो यह भी है कि राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने लाखों में डील कर लिया है।

अलग-अलग नाम से कराई जा रही रजिस्ट्री

अवैध प्लाटिंग के लिए जमीन की खरीद-बिक्री किस तरह हुई, यह जानने का प्रयास किया गया तो पता चला कि जमीन मालिको में कुछ से अलग-अलग नाम पर रजिस्ट्री कराई गई तो कुछ किसान उनकी सलाह पर खुद प्लाटिंग करवा रहे हैं, ताकि प्लाट बिकने पर अवैध प्लाटिंग करने वाले उन किसानों से लम्बा कमीशन प्राप्त कर सके।

बिल्हा एसडीएम साहू ने कहा- रोक लगाई गई

बिल्हा एसडीएम साहू ने कहा कि ग्राम पंचायत धमनी में अवैध प्लाटिंग की जमीन रजिस्ट्री की शिकायत मिली थी, जिस पर हमने रजिस्ट्री पर रोक लगा दी है। इसकी सूचना पंजीयन विभाग के साथ ही संबंधित पटवारी को दे दी है। रही बात पोल लगाने की तो यह मामला विद्युत विभाग का है। इस पर वही कार्रवाई कर सकते हैं।

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