खबर का असर: बिरकोना खार की पट्‌टे वाली जमीनों की जांच कराएगा निगम… लीज पर लेकर ज्यातर किसानों ने तय राशि तक जमा नहीं की… निगम आयुक्त प्रभाकर पांडेय बोले-…

बिलासपुर। नगर निगम प्रशासन बिरकोना खार की पट‌्टे वाली जमीनों की बंदरबांट को लेकर जांच कराएगा। यहां खेती के लिए पट्‌टे पर दी गई जमीन को आवासीय के लिए प्लाट काटकर बेचा जा रहा है। खास बात यह है कि फर्जीवाड़े का खुलासा न हो जाए, इस डर से जिन बिल्डरों पर कार्रवाई हो रही है, वो अपना दावा-आपत्ति भी नहीं कर रहे हैं।

www.aajkal.info ने 18 फरवरी के अंक में इस मामले का खुलासा किया था। बताया गया था कि राज्य शासन ने बिरकोना खार की खाली पड़ी जमीनों को आसपास के किसानों को मामूली राशि लेकर खेती के लिए लीज पर दिया था। ज्यादातर किसानों ने तो खेती बंद भी कर दी और पट्‌टे पर तय राशि भी सरकार के खाते में जमा नहीं कराई। शहर बढ़ने के बाद यही जमीन भू-माफियाओं के निशाने पर आ गई है। किसानों को मामूली राशि देकर उन्होंने बकायदा पट्‌टे की जमीन को अपने नाम पर रजिस्ट्री करा ली और राजस्व अमले से सांठगांठ करके उनका डायवर्सन तक करा डाला है। बीते दिनों जब आयुक्त प्रभाकर पांडेय ने मौके का निरीक्षण किया तो इसका खुलासा हुआ। बिरकोना मुख्य मार्ग पर बकायदा सीसी रोड बनाकर प्लाट काटकर बेचा जा रहा था।

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पता करने पर निगम अमले को ज्ञात हुआ कि उक्त कालोनी संजय, अजय और विकास शुक्ला के नाम पर दर्ज है। जमीन पट्‌टे वाली है और अवैध प्लाटिंग की जा रही है। निगम ने कार्रवाई करते हुए सीसी रोड और बाउंड्रीवाल तोड़ दी। निगम ने बिल्डर को दावा-आपत्ति जमा करने का समय दिया था, लेकिन इसके बाद भी बिल्डर ने अब तक निगम में अपनी दावा-आपत्ति जमा नहीं की है। इससे साफ है कि मामला करोड़ों रूपए के जमीन फर्जीवाड़े का है। इधर, प्रभावित बिल्डर के खामोश हो जाने से अब आयुक्त ने पूरे मामले में अलग से जांच बिठाने की बात कही है। उन्होंने बताया कि निगम और राजस्व अमले की एक टीम गठित की जाएगी, जो पूरे बिरकोना खार की जमीनों की जांच करके रिपोर्ट देगी। खास बात यह है कि पट्‌टे की जमीन पर दर्जनभर भू-माफियाओं ने कब्जा कर रखा है। कुछ ने इसे एक से अधिक बार बेच भी दिया है, जिसमें करोड़ों रुपए का लेनदेन हो चुका है। आयुक्त प्रभाकर पांडेय का कहना है कि सरकारी पट्‌टे की जमीन पर कितने लोगों ने कब्जा कर रखा है, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। उन्होंने आशंका जताई है कि यहां जमीन का बड़े पैमाने पर गफलत सामने आ सकता है।