कृष्ण जन्माष्टमी आज: गूंजेगी नंद के आनंद भयो जय कन्हैयालाल की जयकारों से गूंज… सादगी से मनाया जाएगा उत्सव…

बिलासपुर। भाद्रपद कृष्ण अष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व बुधवार को जिला मुख्यालय समेत जिलेभर हर्षोल्लास से मनाई जाएगी। बुधवार को ठीक 12 बजे नंद के आनंद भयो जय कन्हैयालाल की जयकारों से गूजेंगे। हालांकि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते इस साल जन्माष्टमी पर रहने वाली रौनक फीकी रह सकती है। साथ ही मंदिरों में लगने वाली झांकियां और सजावट को लेकर दिलचस्पी दिखाई नहीं दी।

लाल बहादुर स्कूल में हर साल धूमधाम से मनाए जाने वाले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव इस बार नहीं मनाया जाएगा। हालांकि जन्माष्टमी को लेकर आमजन में उत्साह और इस दिन श्रद्घालू व्रत-उपवास रखकर रात को 12 बजे कृष्ण जन्म के बाद उपवास खोलेंगे। पंडितों ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र के योग में हुआ था। लेकिन इस बार तिथि और नक्षत्र का संयोग एक ही में दिन नहीं बन रहा है। 12 अगस्त को सुबह 9.06 से अष्टमी तिथि 12 अगस्त को सुबह 11.16 मिनट तक है। सूर्योदय कालीन अष्टमी तिथि 12 अगस्त को हैं और अर्ध व्यापिनी नवमी तिथि, कृतिका नक्षत्र, वृष राशि मे चन्द्रमा होने से व्रत, जप, अनुष्ठान, जन्मोत्सव का त्यौहार जन्माष्टमी का पर्व 12 अगस्त को रात 12 बजे से 12.48 तक मिनट के शुभ समय मे कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण जनार्दन अवतरित हुए हैं, तो दिन में या रात में कला मात्र भी रोहिणी का योग हो अष्टमी संयोग हो बुधवार का दिन हो तो यह जन्म उत्सव के लिए सबसे ग्राहय् हैं। इसमें रोहिणी का योग आधी रात में हो तो व्रत महोत्सव के लिए उत्तम है। मंदिरों में भीड़ एकत्र नहीं होने दें। श्याम मंदिर में छप्पन भोग की झांकी सजेगी निवाई| शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में बुधवार को कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर विशेष आयोजन नहीं हो सकेंगे। कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते सोशल डिस्टेंसिंग की पालना के कारण देवालयों में दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं लग सकेगी। शहर के अन्य मंदिरों में भी कृष्ण जन्मोत्सव साधारण तरीके से मनाया जाएगा। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र में भी कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी।

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