बिलासपुर: मदरसा शिक्षकों को 2016 से नहीं मिला वेतन… शिक्षा मंत्री से मिले प्रदेश भर के मदरसा टीचर्स…

बिलासपुर। प्रदेश सहित बिलासपुर के मदरसा टीचर्स को वर्ष 2016 से अब तक वेतन नहीं मिल सका है. इस समस्या को लेकर बुधवार को मदरसा टीचर्स ने रायपुर में शिक्षामंत्री के निवास में मिलकर उनसे चर्चा की और अपनी समस्या से उन्हें अवगत कराया. इसके साथ ही मदरसा टीचर्स ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम से भी मुलाकात की. इस अवसर पर मदरसा बोर्ड के सचिव भी उपस्थित थे. मो. इफ्तेखार आलम ने बताया कि सभी समस्याओं पर चर्चा हुई और पूछे गए सवालों का जवाब देने हेतु उन्होंने 3 दिन का समय मांगा.

मरकाम ने जताई नाराजगी

इस मामले को लेकर प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने मदरसा बोर्ड के सचिव को फटकार लगाई. उन्होंने साफ कहा कि कहीं से भी मदरसा टीचर्स का मानदेय दें, ये जिम्मेदारी मदरसा बोर्ड की है. नहीं तो उनका भी वेतन रोका जाए.

मिला आश्वासन

इस महामारी काल मे मदरसा संचालक और शिक्षक रोड पर आ गए हैं. शिक्षा मंत्री प्रेम साय सिंह टेकाम और संगठन मंत्री मोहन मरकाम को मदरसों की दुर्दशा से अवगत कराया गया, जिस पर उन्होंने जल्द कार्यवाही का आशवासन दिया गया है.

प्रदेश में 322 मदरसे रजिस्टर्ड

मालूम हो कि छ. ग. मे 322 मदरसे रजिस्टर्ड हैं, जबकि 30 मदरसे रजिस्ट्रेशन की लाइन मे हैं. चुनाव होने के बाद से अब तक मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष की पोस्ट खाली है .

केंद्र ने कहा फंड रिलीज कर दिया

मदरसा शिक्षकों को 2016 से वेतन नहीं मिला है. मदरसा टीचर्स को केंद्र व राज्य के अंशदान से वेतन मिलता है. इस मुद्दे को लेकर पिछले दिनों छत्तीसगढ़ से 150 लोगों का प्रतिनिधि मंडल दिल्ली गया था. वहाँ से फंड रिलीज़ होने की जानकारी जनवरी 2020 मे दी गई है. पर अभी तक मदरसा शिक्षकों को वेतन नहीं प्राप्त हुआ है.

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