विधायक शैलेश ने गरीब अभिभावकों का समझा दर्द… बनाया प्लान और भेजा सरकार को… सरकार ने प्रस्ताव पर लगाई मुहर और प्रदेशभर में खोल दिए 40 अंग्रेजी स्कूल…

बिलासपुर। सरकारी स्कूलों को अब शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के रूप में बदलने के बाद इसकी पढ़ाई शुरू होने के पहले शनिवार को नगर विधायक शैलेश पांडेय ने बिलासपुर के प्रार्थना भवन में बैठक ली। बैठक में शिक्षा विभाग के आला अधिकारी, प्राचार्य और शिक्षाविदों के बीच इस शिक्षा पद्धति को बेहतरीन से अमलीजामा पहनाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराने सभी सुविधा उपलब्ध करने को लेकर चर्चा की गई।

नगर विधायक और इस शिक्षा पद्धति के कल्पनाकार शैलेश पांडेय ने कहा कि निम्न व मध्यमवर्गीय लोग अपने बच्चों को प्राइवेट के इंग्लिश मीडियम स्कूल में आर्थिक दिक्कत के कारण नहीं पढ़ा पा रहे थे। बीते साल मेरे पास लगभग 800 लोग ऐसी समस्याएं लेकर आए थे। इसलिए हमने बिलासपुर में तीन सरकारी स्कूलों को इंग्लिश मीडियम स्कूल की तरह बनाने के लिए सरकार के पास प्रस्ताव भेजा था।  जिस पर सरकार की अनुमति के बाद बिलासपुर के तिलक नगर, दयालबंद और लाला लाजपत राय स्कूल को इंग्लिश मीडियम स्कूल के रूप में खोलने की अनुमति मिली थी। इस पहल को सरकार ने स्वीकार किया और पूरे प्रदेश में इसी सत्र से 40 स्कूल खोले जा रहे हैं, जो सरकारी स्कूल अब प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर पढ़ाई कराएंगे। शैलेश पांडेय ने बताया कि बिलासपुर में अब कुल 5 स्कूल हो गए हैं। तीन के अलावा तारबाहर और मंगला स्कूल को भी इस वर्ष शामिल किया गया। इस संबंध में शनिवार को शिक्षा अधिकारी अशोक भार्गव, सहायक संचालक संदीप चिपड़े, प्राचार्य और शिक्षाविद की बैठक आयोजित की गई,  जिसमें विस्तार से चर्चा की गई। 

टॉपर्स स्कूल को शैलेश देंगे एक लाख

नगर विधायक शैलेश पांडेय ने  बैठक में यह घोषणा की कि इन पांच स्कूलों में जो स्कूल का विद्यार्थी टॉप करेगा। उस स्कूल को 1 लाख रुपए दिया जाएगा। उन्होंने  कहा कि आज निजी क्षेत्र के स्कूलों से कंपटीशन का वक्त है  और इस चुनौती को हमें संकल्प के रूप में स्वीकार करना है।

शैलेश की पहल से प्रदेश में लागू हुई सरकारी स्कूलों में इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई की योजना

सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने की पहल बिलासपुर विधायक शैलेश पांडेय ने की है। इसके लिए उन्होंने सबसे पहले बिलासपुर शहर की तीन स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा देने के लिए चयनित करने हेतु, शासन के पास प्रस्ताव भेजा था, इस पर अनुमति देते हुए सरकार ने इसकी शुरुआत की है। इस योजना के तहत सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाया जाना है। जिसका नाम शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय रखा गया है । इस स्कूल में निशुल्क रूप से शिक्षा के साथ  कॉपी ,पुस्तकें, यूनिफॉर्म सहित सभी सुविधाएं विद्यार्थियों को दी जाएंगी।  खास बात यह है कि यह स्मार्ट क्लास होगी।  जिससे सरकारी स्कूल में बच्चे आधुनिक तरीके की शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। इस योजना को सराहना मिलने के बाद छत्तीसगढ  प्रदेश सरकार ने इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का फैसला लिया। इस सत्र से प्रदेश के लगभग इतने स्कूलों में यह शिक्षा पद्धति लागू की गई है। 

ये होंगी सुविधाएं-

  1. वाईफाई कैंपस
  2. सर्व सुविधा युक्त प्रवेश प्रयोगशाला
  3. हाइटेक लाइब्रेरी 
  4. संगीत एवं मनोरंजन व्यवस्था
  5. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
  6. फ़ास्ट इंटरनेट सुविधा
  7. प्रशिक्षित शिक्षक एवं शिक्षिकाएं

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